snowy-forest-in-the-mountains-and-sky-with-space-for-your-text-picjumbo-com

Mega Winter Charity Drive 2021-22

हमारा भारत देश गरीबी और बेरोजगारी की समस्या से एक लम्बे समय से ग्रसित है। आजादी के बाद पचहत्तर बर्षो से हमारी सरकारे इन समस्याओं से निरन्तर जूझ रही है तथा इनको दूर करने की दिशा में निरन्तर प्रयत्नशील है परन्तु आज भी देश की 40 करोड़ आबादी गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन कर रही है आज भी देश में लगभग 19 करोड़ लोगों को दो वक्त का खाना भी नसीब नहीं होता है। देश में लगभग 4 करोड़ युवा बेरोजगार है तथा बेरोजगारी दर 79 प्रतिशत हैं। वैश्विक भुखमरी सूचकांक में भारत 116 देशों में 101 स्थान पर है इन आँकडों से यह स्पष्ट है कि हमारे देश में गरीबी, भुखमरी एवं बेरोजगारी को दूर करने में हमारी सरकारों के प्रयास अपर्याप्त है।

चुनोती (Challenge on Hands)

विगत दो वर्षों से कोविङ-19 महामारी ने आग में घी डालने का कार्य किया है और परिस्थितियों को और भी विकट बना दिया है। इस महामारी ने और कई करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से नीचे ढकेल दिया है। लाखों लोगों ने अपने रोजगार खोये है तथा कई लाख लोगों को अपने व्यवसाय से भी हाथ धोना पड़ा है। इन सब का बुरा प्रभाव परिलक्षित हो रहा है –

1. देश में 19 करोड़ लोगों को भूखा सोना पड़ रहा है जिन्हें दो वक्त का भोजन भी नहीं मिल पा रहा है।

2. महामारी के दौरान लगभग 8-10 करोड़ लोगों को अपने रोजगार से हाथ धोना पड़ा था यद्यपि उनमें से अधिकाशों ने पून: कोई रोजगार प्राप्त किया है तथापि अभी भी देश में बेरोजगारों की बड़ी तादाद मौजूद है जिससे उन्हें स्वयं एवं परिवार के भरण-पोषण में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 

3. देश में आज भी लगभग 5 करोड़ लोगों के पास छत तक नहीं है और उन्हें मजबूरी में खुले में सोना पड़ता है तथा सर्दी, गर्मी व बारिश के थपेड़ों का सामना करना पड़ता है। इन लोगों के पास तन ढकने के लिये भी पर्याप्त वस्त्र, ऊनी वस्त्र आदि नहीं होते हैं।

कुल मिलाकर देश के करोड़ो लोग अभी भीअत्यंत गरीबी, मुफलीसी एवं अभावों की जिंदगी जीने को मजबूर है इनकी स्थिति अत्यंत दयनीय व सोचनीय है।

प्रस्तावित समाधान ( Our Solutions)

इन्ही परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए देश में कार्यरत अनेक गैर-सरकारी संस्थाए एवं स्वयं सेवी संस्थाओं ने इस दिशा में अपना महत्वपूर्ण योगदान देना प्रारम्भ किया है।
इन्हीं में से कोटिक फाउण्डेशन एक गैर लाभकारी संस्था है जो उपरोक्त परिस्थितियों से गुजर रहे लोगो को राहत प्रदान करने के लिए प्रयासरत है।

कोटिक फाउण्डेशन ऐसे लोगों को भूखे को भोजन (Meals for hungry), कपड़ो का वितरण, ऊनी वस्त्रों का वितरण, सेनिटरी पैड्स का वितरण स्वास्थ्य सम्बन्धी सामग्री व दवाइयां वितरित करने का कार्य कर रही है। इसी कड़ी में  विंटर चैरिटी ड्राइव का आयोजन किया जा रहा है। जिसका नाम “महा ऊनी वस्त्र वितरण प्रोग्राम” रखा गया है।

इस आयोजन में ऐसे अभावग्रस्त लोगो को
1. ऊनी वस्त्र
2. मोजे
3. खाद्य सामग्री
4. कम्बल
5. गर्म कोट
वितरित करने का लक्ष्य रखा है।

जिसका वितरण दिसम्बर 2021- जनवरी 2022 में कच्ची बस्ती एवं जोपड पट्टी में रहने वाले लोगो को शैक्षणिक संस्थानों में पड़ने वाले अभावग्रस्त परिवारो के बच्चो को 
कोरोना महामारी से प्रभावित हुए गरीब लोगों को वितरण किया जाएगा|

जिससे लगभग 10,000-15,000 परिवार लाभान्वित होंगे।

अपील (APPEAL)
उपरोक्त लक्ष्य जन भागीदारी के बिना संभव नहीं है अतः कोटिक फाउंडेशन आप सभी दानदाताओं से अपील करता है कि इस महा पुण्य के कार्य में अधिक से अधिक दान कर इस लक्ष्य को पूरा करने में सहयोग प्रदान करें और मानव धर्म का निर्वहन करें।

प्रभाव (IMPACT)
उपरोक्त अभियान से प्राप्त धनराशि का उपयोग ऊनी वस्त्र , खाद्य सामग्री, कंबल और अन्य आवश्यक सामग्री का वितरण किया जाएगा।
जिसके फोटोग्राफ्स वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी तथा दानदाताओं को भी इसके फोटोग्राफ्स भेजे जाएंगे। इससे 10,000 से 15,000 परिवारों के लिए इस दैनिक स्थिति से निकलने का एक कदम होगा।

 

Whether you choose to make a one-time donation or pledge a monthly donation, Your donation will make a big difference to beneficiaries. It is thanks to generous donors like you that we are able to support the work of our amazing partners around state.

Glimpses of Mega Winter Charity Drive 2021-22